कभी पशुपालन से प्रतिमाह करीब 50 हजार रुपये की आमदनी करने वाले ग्राम जमूनिया निवासी नन्दराम बघेले ने बैंक से मिले वित्तीय सहयोग को अपने व्यवसाय के विस्तार का आधार बनाया। मेहनत, बेहतर प्रबंधन और बैंक ऋण के सदुपयोग से आज उनकी मासिक आमदनी बढ़कर करीब 4 से 5 लाख रुपये तक पहुंच गई है।
कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में अपनी उपजाऊ मिट्टी के लिए पहचाना जाने वाला बड़वानी जिला अब ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई और अनूठी मिसाल बन गया है।