प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने जिले के किसान भाइयों को सूचित किया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसान पंजीयन का कार्य जिले के 39 पंजीयन केंद्रों के साथ-साथ एमपी ऑनलाइन, सीएससी एवं लोकसेवा केंद्रों के माध्यम से किया जा रहा है। जिले में अब तक 7,610 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है।]

जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि पंजीयन के दौरान किसान यह सुनिश्चित करें कि उनकी फार्मर आईडी बनी हुई है तथा जिन खसरा नंबरों का पंजीयन किया जाना है, वे सभी फार्मर आईडी से जुड़े हुए हैं। फार्मर आईडी की स्थिति पटवारी, गिरदावरी सहायक, सीएससी अथवा संबंधित पोर्टल के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। आवश्यकतानुसार नए खसरा नंबर फार्मर आईडी से जोड़े जा सकते हैं तथा जिन किसानों की फार्मर आईडी नहीं बनी है, उनकी नई फार्मर आईडी भी बनाई जा सकती है।

पंजीयन से पूर्व यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि संबंधित सभी खसरा नंबरों में गिरदावरी दर्ज हो तथा उसमें धान, ज्वार अथवा बाजरा की फसल दर्ज हो। गिरदावरी की स्थिति पटवारी, गिरदावरी सहायक अथवा एमपी किसान एप के माध्यम से देखी जा सकती है। गिरदावरी में त्रुटि होने पर एमपी किसान एप के माध्यम से दावा-आपत्ति प्रस्तुत की जा सकती है, जिसका अनुमोदन संबंधित तहसीलदार द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यदि किसान पंजीयन, विवरण एवं आधार डेटाबेस में दर्ज किसान के नाम का ई-उपार्जन पोर्टल पर मिलान नहीं होता है और भू-अभिलेख/एग्रीस्टैक एवं आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति है, तो पंजीयन का सत्यापन तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार द्वारा किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही ऐसा पंजीयन मान्य होगा। भू-अभिलेख एवं आधार डेटा में नाम त्रुटिपूर्ण अथवा मिसमैच होने की स्थिति में राजस्व अमले या आधार पंजीयन केंद्र के माध्यम से नाम में आवश्यक संशोधन कराया जा सकता है।

किसान भाइयों से अपील की गई है कि वे 10 अक्टूबर 2026 तक अपना कृषक पंजीयन नजदीकी समिति के उपार्जन केंद्र अथवा एमपी ऑनलाइन, सीएससी एवं लोकसेवा केंद्र पर जाकर अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर उनकी उपज का उपार्जन सुनिश्चित किया जा सके।