जनपद पंचायत गोहपारू के ग्राम सगरा निवासी विद्यावती सिंह ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाकर खेती को कम लागत में अधिक लाभ देने वाला माध्यम बनाया है। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक संसाधनों से तैयार खाद एवं जैविक कीटनाशकों का उपयोग शुरू किया है। विद्यावती सिंह के पास लगभग 9 एकड़ भूमि है, जिसमें वे धान, चना, अलसी, मक्का एवं उड़द जैसी विभिन्न फसलों का उत्पादन करती हैं।
खेती में उपयोग होने वाली गोबर खाद, वर्मी कम्पोस्ट एवं जैविक कीटनाशक वे स्वयं तैयार करती हैं। इससे बाजार से खाद एवं कीटनाशक खरीदने में होने वाला खर्च कम हुआ है और खेती की लागत में कमी आई है।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक पद्धति से खेती करने से भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिलती है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर उन्हें उन्नत एवं प्राकृतिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाती है, जिसका उपयोग वे अपने खेतों में कर रही हैं। विद्यावती सिंह को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का भी लाभ मिल रहा है। योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता कृषि कार्यों में उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
विद्यावती सिंह का कहना है कि किसान यदि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाएं, तो खेती की लागत कम कर बेहतर उत्पादन और आमदनी प्राप्त की जा सकती है। उनकी यह पहल ग्रामीण क्षेत्र की अन्य महिला किसानों के लिए भी प्रेरणादायक है।






