कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने आज लंबित आवेदनों की समीक्षा बैठक के दौरान नागरिकों को शासकीय सेवाओं एवं प्रक्रियाओं की स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने जिला पंजीयक को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत ग्रामों में आयोजित किए जा रहे शिविरों के दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंजीयन शुल्क की दरों को प्रमुखता से प्रदर्शित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि ग्राम पंचायत भवन की ऐसी दीवार अथवा सार्वजनिक स्थल का चयन किया जाए, जहां ग्रामीणों की सहज नजर पहुंचे। वहां जमीन, मकान एवं अन्य संपत्तियों के पंजीयन से संबंधित निर्धारित शुल्क एवं दरों की जानकारी स्पष्ट एवं सरल भाषा में प्रदर्शित की जाए। इसका उद्देश्य ग्रामीणजनों को रजिस्ट्री प्रक्रिया में देय शुल्क की वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि वे किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बच सकें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में पंजीयन शुल्क की दरों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाने से नागरिकों को संपत्ति पंजीयन के समय निर्धारित शुल्क की जानकारी पहले से उपलब्ध रहेगी और वे अपनी आवश्यकतानुसार जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

निकायों के वार्डों में भी हो व्यवस्था

कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता ने निर्देश दिए कि इसी प्रकार की व्यवस्था नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में भी क्रियान्वित की जाए। वार्डों में ऐसे सार्वजनिक स्थानों का चयन कर पंजीयन शुल्क की अद्यतन दरों को प्रदर्शित किया जाए, जहां आम नागरिक आसानी से जानकारी देख सकें।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदर्शित की जाने वाली जानकारी अद्यतन, स्पष्ट, पठनीय और आमजन के लिए सरल हो। शुल्क दरों में परिवर्तन होने की स्थिति में प्रदर्शित जानकारी को भी तत्काल अद्यतन कराया जाए।

कलेक्टर श्री गुप्ता ने कहा कि शासन की सेवाओं और निर्धारित शुल्क संबंधी जानकारी नागरिकों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने से पारदर्शिता, जागरूकता और जनविश्वास को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत इस प्रकार की जनहितकारी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।