कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में जिले में वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न स्तरों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, घंसौर में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यालय के लगभग 300 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।

कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी विकास अधिकारी श्री धीरज गुप्ता, अग्रणी बैंक अधिकारी सिवनी श्री प्रवीण कुमार दिसोरिया, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती सुनीता पटेल सहित विद्यालय स्टाफ से श्री विष्णु स्वामी एवं श्री विजय चौहान उपस्थित रहे।

शिविर में विद्यार्थियों को बचत के महत्व, बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, बैंकिंग लेन-देन में सावधानी, ऑनलाइन बैंकिंग, साइबर अपराधों से बचाव तथा वित्तीय धोखाधड़ी से सतर्क रहने के संबंध में सरल एवं व्यावहारिक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि बैंकिंग लेन-देन के दौरान किसी भी व्यक्ति के साथ एक बार उपयोग होने वाला गुप्त संकेतांक, व्यक्तिगत पहचान संख्या, कूटशब्द अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

विद्यार्थियों को अनजान कड़ियों पर क्लिक करने, संदिग्ध दूरभाष कॉल अथवा संदेशों पर भरोसा करने तथा अनजान व्यक्तियों को बैंक संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने से बचने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही विद्यार्थियों को अपनी आय एवं व्यय का उचित प्रबंधन करने, अनावश्यक खर्चों से बचने और नियमित बचत की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तरी एवं संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, साइबर सुरक्षा एवं वित्तीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा सरल भाषा में समाधान किया गया। प्रश्नोत्तरी में सक्रिय सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित भी किया गया।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन में जिले में संचालित वित्तीय साक्षरता अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को वित्तीय सेवाओं की सही समझ प्रदान करने के साथ उन्हें सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार, बचत एवं जिम्मेदार वित्तीय प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है।

लगभग 300 विद्यार्थियों की सहभागिता वाला यह शिविर युवाओं में वित्तीय समझ विकसित करने, बचत की आदत बढ़ाने तथा सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार अपनाने की दिशा में उपयोगी पहल रहा।