सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के मढ़ई क्षेत्र के समीप ग्राम छेड़का में ग्रामीण पर्यटन की एक ऐसी पहल आकार ले रही है, जिसने स्थानीय प्रकृति, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को रोजगार के अवसरों से जोड़ दिया है। माठरिला–द सतपुड़ा होमस्टे के संस्थापक संजीव मर्सकोले ने गांव के प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक संसाधनों को पर्यटन से जोड़कर अपने लिए स्वरोजगार का माध्यम तैयार किया है। जिसमे मध्यप्रदेश शासन की नीति होमस्टे बनाने और अपग्रेड करने में भी सहायता प्रदन करती है। आज यही होमस्टे देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से आने वाले पर्यटकों को भी आकर्षित कर रहा है।

माठरिला होमस्टे में मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, राजस्थान और असम सहित विभिन्न राज्यों से पर्यटक ठहर चुके हैं। वहीं रूस, लंदन और स्पेन से भी मेहमान फिल्म शूटिंग एवं पर्यटन के सिलसिले में यहां पहुंचे हैं। इससे छेड़का गांव को ग्रामीण पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान मिल रही है।

जंगल सफारी के साथ गांव और संस्कृति का अनुभव

माठरिला होमस्टे की विशेषता यह है कि यहां पर्यटकों को केवल ठहरने की सुविधा ही नहीं, बल्कि सतपुड़ा क्षेत्र के ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति को अनुभव करने का अवसर भी मिलता है। मढ़ई की जंगल सफारी के साथ पर्यटक गांव के प्राकृतिक वातावरण, पारंपरिक जीवनशैली और स्थानीय संस्कृति से रूबरू होते हैं।

होमस्टे में प्रकृति भ्रमण, पारंपरिक भोजन, गोंड कला एवं संस्कृति, लोक एवं डंडा नृत्य, बैलगाड़ी की सवारी और Stargazing जैसी गतिविधियां पर्यटकों के अनुभव को और खास बनाती हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से पर्यटकों को सतपुड़ा क्षेत्र को वन्यजीव पर्यटन के साथ-साथ ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन के रूप में जानने का अवसर मिल रहा है।

पारंपरिक भोजन और गोंड कला बनी आकर्षण का केंद्र

माठरिला की खासियत यहां का आत्मीय और पारिवारिक वातावरण है। होमस्टे में स्थानीय परिवार के सदस्य पर्यटकों की मेजबानी और विभिन्न गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाते हैं। उर्मिला बाई पारंपरिक भोजन तैयार करने और मेहमानों की मेजबानी की जिम्मेदारी संभालती हैं। अंजलि मर्सकोले पर्यटकों की देखभाल के साथ Stargazing गतिविधियों से जुड़ी हैं, जबकि लक्ष्मी मर्सकोले गोंड कला के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से परिचित कराती हैं। इस तरह पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में स्थानीय परिवार की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है।

स्थानीय संसाधनों से रोजगार का माध्यम बना होमस्टे

संस्थापक संजीव मर्सकोले ने बताया कि माठरिला होमस्टे शुरू करने का उद्देश्य गांव की प्रकृति, संस्कृति और जीवनशैली को पर्यटन से जोड़ना था। उनका प्रयास रहा कि पर्यटक मढ़ई की जंगल सफारी के साथ गांव में भी ठहरें और स्थानीय जीवन को करीब से समझें। उन्होंने बताया कि होमस्टे के माध्यम से अब नियमित आय का अवसर प्राप्त हो रहा है। साथ ही पर्यटकों की बढ़ती संख्या से पारंपरिक भोजन, स्थानीय कला, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण परिवारों के लिए भी आय एवं रोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं।

देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंची छेड़का की पहचान

माठरिला होमस्टे में देश के विभिन्न हिस्सों से पर्यटकों के पहुंचने के साथ विदेशों से आए मेहमानों ने भी यहां के प्राकृतिक और ग्रामीण परिवेश का अनुभव किया है। रूस, लंदन और स्पेन से पहुंचे मेहमानों ने यहां फिल्म शूटिंग एवं अन्य गतिविधियों के दौरान स्थानीय वातावरण को करीब से जाना।

लंदन से आए पर्यटकों ने भी छेड़का गांव और सतपुड़ा के प्राकृतिक परिवेश का अनुभव लिया। विदेशी पर्यटकों की उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि सतपुड़ा क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन की संभावनाएं स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों तक भी पहुंच रही हैं।

पर्यटन के साथ संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण

माठरिला होमस्टे की पहल ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कला, परंपरा और संस्कृति को संरक्षित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। पर्यटकों को गोंड कला, पारंपरिक भोजन, लोक नृत्य और ग्रामीण जीवनशैली से जोड़ने के कारण स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिल रही है।

संजीव मर्सकोले का कहना है कि पर्यटन केवल पर्यटकों को आकर्षित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से गांव की संस्कृति और परंपराओं को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका प्रयास है कि छेड़का आने वाला प्रत्येक पर्यटक यहां से सतपुड़ा की प्राकृतिक सुंदरता के साथ गांव की संस्कृति की याद भी लेकर जाए।

ग्रामीण पर्यटन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता गांव

माठरिला होमस्टे ग्रामीण क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का उदाहरण बन रहा है। प्रकृति, संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को पर्यटन से जोड़कर शुरू की गई यह पहल अब पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रही है।

संजीव मर्सकोले ने मध्यप्रदेश शासन की ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने वाली पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसरों का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि होमस्टे के माध्यम से अब नियमित आय का साधन विकसित हुआ है और अपने गांव की प्रकृति एवं संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।

मध्य प्रदेश शासन और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिवेश तथा पर्यटन के बीच का यह सेतु इस बात को प्रमाणित करता है कि गांव की प्राकृतिक संपदा, संस्कृति और परंपराओं को पर्यटन से जोड़ा जाए तो ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार के साथ स्थानीय समुदाय के लिए भी आय और रोजगार के नए रास्ते तैयार किए जा सकते हैं। माठरिला–द सतपुड़ा होमस्टे की यह पहल इस बात का जीवंत उदाहरण है।