राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को विकासखंड किरनापुर की ग्राम पंचायत किन्ही में विशेष ग्राम सभा के साथ जल अर्पण दिवस का आयोजन किया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बालाघाट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्कूली विद्यार्थियों एवं विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल तथा नल-जल योजना के संचालन एवं संधारण के प्रति जागरूक करना रहा।कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई। इसमें स्कूली छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं विभागीय अमले ने सहभागिता करते हुए जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद ग्राम में रंगोली सज्जा एवं जल श्रृंगार के माध्यम से जल के महत्व को प्रदर्शित किया गया। ग्रामीणों ने जल स्रोतों की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जागरूकता का परिचय देते हुए कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।कार्यक्रम में जल संकल्प शपथ भी दिलाई गई।
उपस्थित ग्रामीणों ने जल की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने, पानी की बर्बादी रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण करने का संकल्प लिया। इसके पश्चात जल वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल और जल संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। इस अवसर पर ग्राम की महिला श्रीमती सुरेखा वाट ने नल-जल योजना से गांव में आए बदलाव के अनुभव साझा किए। उन्होंने योजना के माध्यम से घरों तक पहुंच रहे पेयजल से ग्रामीणों को हो रही सुविधा के बारे में जानकारी दी।
कार्यक्रम में फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता जांच का प्रदर्शन भी किया गया। अधिकारियों ने पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने तथा समय-समय पर जल की जांच कराने के महत्व की जानकारी भी दी।ग्रामीणों को ‘मेरी पंचायत’ एप के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि डिजिटल माध्यम से पंचायत से संबंधित विभिन्न जानकारियों एवं सेवाओं तक पहुंच बनाई जा सकती है। इससे ग्रामीणों को पंचायत स्तर की गतिविधियों एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने में सुविधा होगी।कार्यक्रम के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नल-जल योजना का औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को हस्तांतरण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि योजना के हस्तांतरण के बाद इसके सुचारु संचालन एवं संधारण में ग्राम पंचायत और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। ग्रामीणों से जल संरचनाओं, पाइपलाइन एवं नल कनेक्शनों की देखरेख में सहयोग करने तथा पानी की बर्बादी रोकने की अपील की गई।समारोह के अंत में जल संरक्षण, स्वच्छता एवं नल-जल योजना के संचालन में उल्लेखनीय सहभागिता करने वाले प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का सम्मान किया गया। अतिथियों ने सम्मानित प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री बी.एल. उइके, सहायक यंत्री रविन्द्र हट्टेवार एवं सत्यम पटेल, विकासखंड समन्वयक श्रुति डहाटे, सीबीएंडटी समन्वयक शीतल मिश्रा, आईएसए समन्वयक हरीश झा, केमिस्ट उज्जवल हरिन्दवार सहित सेवानिवृत्त शिक्षक नारायण प्रसाद मिश्रा उपस्थित रहे। इसके अलावा ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती अनीता धनवले, सचिव होमेंद्र पटले, सहायक सचिव महेश कोसरे, शासकीय माध्यमिक शाला किन्ही के शिक्षक उम्मेद सिंह कोड़ा, पंचायत प्रतिनिधि, आंगनवाड़ी एवं आशा कार्यकर्ता, पंप ऑपरेटर, शिक्षकगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।





