बिरसा विकासखंड की ग्राम पंचायत पल्हेरा में किसानों द्वारा अपनाई गई डीएसआर (Direct Seeded Rice) पद्धति से धान की खेती का कृषि विभाग की टीम ने फसल निरीक्षण किया। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने कृषक रमेश जामरे एवं महेश रहांगडाले के खेतों का भ्रमण कर फसल की स्थिति का जायजा लिया।कृषि विभाग द्वारा किसानों को पूर्व में धान की खेती में डीएसआर तकनीक अपनाने की सलाह दी गई थी। कृषकों ने विभागीय मार्गदर्शन के अनुसार अपने खेतों में डीएसआर पद्धति से JR-81 किस्म के धान की फसल लगाई। निरीक्षण के दौरान फसल की वर्तमान स्थिति अच्छी एवं संतोषजनक पाई गई।इस दौरान अधिकारियों ने कृषकों से डीएसआर पद्धति से प्राप्त हो रहे लाभों के संबंध में चर्चा की। किसानों ने अपनाई गई तकनीक के अनुभव भी साझा किए। कृषि अधिकारियों ने कहा कि धान की सीधी बुवाई जैसी वैज्ञानिक तकनीकों से खेती में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सकता है तथा किसानों को अनुशंसित कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए।कृषि विभाग, बिरसा द्वारा कृषकों को फसल की नियमित निगरानी, कीट एवं रोगों की समय पर पहचान व प्रबंधन तथा संतुलित पोषण प्रबंधन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। अधिकारियों ने किसानों को फसल की आगामी अवस्थाओं में भी वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का पालन करने तथा आवश्यकता अनुसार कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए प्रेरित किया।
किसान कल्याण एवं कृषि विकास
डीएसआर पद्धति से धान की खेती में दिखी बेहतर फसल, कृषि अधिकारियों ने किया निरीक्षण

कानाफूसी डेस्क · बालाघाट · 30 सितंबर 2026 · 2 मिनट





