केंद्रीय जेल की खंडपीठ न्यायालय नहीं, लोक अदालत है। 26 अप्रैल 2026 को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने ऑनलाइन शुभारंभ किया। उन्होंने बंदियों से सकारात्मक व्यक्तित्व और मुख्यधारा की बात कही। न्यायमूर्ति आनंद पाठक ने कहा, न्यायालय स्वयं पक्षकार के पास आया।
ग्वालियर में 60 प्रकरण चिह्नित, तीन खंडपीठ। 6 प्ली-बारगेनिंग, 12 आपसी सहमति, जोड़ 18 निराकृत। इनमें 7 रिहाई आदेश पीठासीन अधिकारी ने जारी किए। 2016 से लंबित एक मामले में शिकायतकर्ता जेल आए; स्वाति शर्मा की खंडपीठ-2 ने समझौता दर्ज कर तुरंत रिहाई का आदेश दिया।
दोनों निरुद्ध, एक समझौता
एक अन्य मामले में आरोपी और शिकायतकर्ता दोनों उसी जेल में थे; राजीनामा पर आरोपी बरी लिखा गया। समता इन प्रक्रियाओं को नाम के बिना रखता है। 42 चिह्नित प्रकरण उसी दिन की तालिका में नहीं खुले। तस्वीर जेल कार्यक्रम की है।
मुख्य बातें
- 7 रिहाई आदेश; 18 निराकृत, 60 चिह्नित।
- सालसा जबलपुर का आयोजन; सीजे सचदेवा ऑनलाइन।
- व्यक्तिगत नाम इस पन्ने पर नहीं; प्रक्रिया का ब्योरा है।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 17 सितंबर 2026।



